21 वीं सदी मे समावेशी शिक्षा और शिक्षक की चुनौतियाँ

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Date

2026

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Publisher

Evincepub Publishing

Abstract

21वीं सदी में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जहाँ समावेशिता (Inclusion), समानता (Equity) और गुणवत्ता (Quality) को विशेष महत्व दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विद्यार्थी - चाहे वे किसी भी सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या शारीरिक-मानसिक पृष्ठभूमि से हों एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस अध्याय में 21वीं सदी के संदर्भ में समावेशी शिक्षा की अवधारणा, इसके उद्देश्य, तथा शिक्षकों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का गहन विश्लेषण किया गया है। साथ ही, इन चुनौतियों के समाधान हेतु व्यावहारिक उपायों और नीतिगत सुझावों को भी प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि समावेशी शिक्षा की सफलता में शिक्षक की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक है, जिसके लिए उन्हें तकनीकी, शैक्षणिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है (UNESCO, 2005; ΝΕΡ, 2020) |

Description

Book Title- Challenges of the 21st Century&Teacher Book Author(s)/Editor(s): Dr.Prashant Kumar,Dr.Ravi Kant Saral,Dr.Vinod Kumar Yadav

Keywords

21 वीं सदी, NEP 2020, समावेशी शिक्षा RTE ACT, शिक्षा तकनीकी

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