Rakesh Kumar2026-07-112026978-93-7335-094-3http://136.232.12.194:4000/handle/123456789/1929Book Title- Challenges of the 21st Century&Teacher Book Author(s)/Editor(s): Dr.Prashant Kumar,Dr.Ravi Kant Saral,Dr.Vinod Kumar Yadav21वीं सदी में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जहाँ समावेशिता (Inclusion), समानता (Equity) और गुणवत्ता (Quality) को विशेष महत्व दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विद्यार्थी - चाहे वे किसी भी सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या शारीरिक-मानसिक पृष्ठभूमि से हों एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस अध्याय में 21वीं सदी के संदर्भ में समावेशी शिक्षा की अवधारणा, इसके उद्देश्य, तथा शिक्षकों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का गहन विश्लेषण किया गया है। साथ ही, इन चुनौतियों के समाधान हेतु व्यावहारिक उपायों और नीतिगत सुझावों को भी प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि समावेशी शिक्षा की सफलता में शिक्षक की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक है, जिसके लिए उन्हें तकनीकी, शैक्षणिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है (UNESCO, 2005; ΝΕΡ, 2020) |en-US21 वीं सदीNEP 2020समावेशी शिक्षा RTE ACTशिक्षा तकनीकी21 वीं सदी मे समावेशी शिक्षा और शिक्षक की चुनौतियाँBook chapter